सेन्ट जोसेफ मिशन स्कूल बिजुरी के छात्रावास में 8 साल के स्टूडेंट की संदिग्ध मौत - क्लिक करें | No 1 Hindi News Portal of Central India (Madhya Pradesh) | हिन्दी समाचार

सेन्ट जोसेफ मिशन स्कूल बिजुरी के छात्रावास में 8 साल के स्टूडेंट की संदिग्ध मौत

Saturday, November 12, 2016

;
बिजुरी/मृगेन्द्र सिंह। हर इंसान की ख्वाहिस होती है कि वो भले ही दुख सह ले पर उनके बच्चों का भविष्य उज्जवल हो। जिसके लिए मां बाप मोटी रकम अदा कर अपने नौनिहालों को हॉस्टल भेजते है। जिले में ख्याति प्राप्त ST JOSEPH SCHOOL BIJURI में शुक्रवार की शाम को हॉस्टल में रहकर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्कूल प्रशासन संदेह के घेरे में हैं। स्कूल व्यवस्थाओं को लेकर कई सवालियां निशान खड़े होनें लगें हैं। मृतक छात्र के परिजन भी स्कूल प्रबंधन पर मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगा रहें हैं। क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक आयुश लकड़ा पिता अजीत संजय लकड़ा उम्र 07 वर्ष ग्राम मनवारी थाना केल्हारी छ0ग0 मृतक के पिता द्वारा अपनें पुत्र को विद्यालय के हॉस्टल रखकर शिक्षा ग्रहण करा रहें थे। शुक्रवार का दिन उनके लिये बड़ी ही दुखदायी रहा। इस मामलें में स्कूल प्रबधन का कहना हैं कि मृतक छात्र शाम लगभग 4.30 बजें ग्राउंड में खेल रहा था। उसी दौरान वह बाथरूम की ओर गया और गिरा पड़ा रहा। अन्य दूसरे छात्र ने इसकी सूचना शिक्षकों को दी। शिक्षकों ने मौके पर जाकर देखा तो वह अचेत अवस्था में गिरा पड़ा था। जिसको बिजुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। जहां डाक्टरों नें मृत घोषित कर दिया। 

वही मृत छात्र के सिर और चेहरे एवं गले पर चोट लगने का निशान पाए गया हैं। छात्र के मौत की सूचना लगते ही देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगो का हुजुम लग गया। पुलिस ने बमुश्किल शांत कराया। लोगो मे तरह तरह की चर्चाए चल रहीं है। सब अपने अपने स्तर से मामले का आकलन कर रहे है।। अब देखना है कि स्थानीय पुलिस की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है। पोस्टमार्टम के बाद डाक्टरो का कहना था कि मौत का कारण सिर मे लगी चोट है।

डॉक्टरों की कार्यप्रणाली संदेह के दायरे मे
मृत बालक जिसका पीएम डॉक्टरों द्वारा दिनांक 12 नवम्बर को किया गया। पीएम होने के पश्चात परिवार द्वारा पीएम रिपोर्ट की जानाकरी मांगने पर डाक्टरों द्वारा पहले विद्यालय जाकर घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट बताने के लिये कहा गया। उपस्थित मीडिया व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डॉक्टरों के साथ चलने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। डॉक्टरों का पीएम रिपार्ट बनाने से पहले अकेले मौके पर जाकर जांच करने का फैसला उनकी भूमिका को संदिग्ध बनाता है। ( पढ़ते रहिए bhopal samachar हमें ट्विटर और फ़ेसबुक पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।)
;

No comments:

Popular News This Week