भारत में प्रतिव्यक्ति 340 ग्राम प्रतिदिन दूध उपलब्ध

Saturday, November 26, 2016

नईदिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि पिछले दो वर्षों 2014-15 तथा 2015-16 में दूध उत्‍पादन ने 6.28% की विकास दर हासिल की है जो पिछले वर्षों की लगभग 4% विकास दर से कही अधिक है। श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि इससे प्रति व्‍यक्ति दूध की उपलब्‍धतता 2013-14 के 307 ग्राम प्रति दिन से बढ़कर 2015-16 में 340 ग्राम प्रति दिन हो गई है, जो 5% की विकास दर है और 2014-15 में 3% से कम थी। 

केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह बात आज राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर नई दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में कही। भारत में श्वेत क्रांति के जनक डा. वर्गीज कुरियन के जन्म दिन को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि और किसान कल्‍याण राज्‍यमंत्री श्री सुदर्शन भगत, कृषि मंत्रालय,पशुपालन, डेयरी और मत्‍स्‍यपालन विभाग के वैज्ञानिक, अधिकारी और देश भर से आए दुग्ध परिसंघों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

श्री सिंह ने कहा कि डॉ. कुरियन ने दुग्‍ध सहकारी संस्‍थानों का निर्माण करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि भारत पिछले 15 वर्षों से दुग्‍ध उत्‍पादन के क्षेत्र मे दुनिया में नंबर वन बना हुआ है और इसका श्रेय छोटे दुग्‍ध उत्‍पादकों को जाता है। उन्होंने आगे कहा कि अभी इस क्षेत्र में बहुत काम करना है ताकि देश के हर बच्चे को दूध सहित पर्याप्‍त पोषण दिया जा सके। हमारा देश बोवाईन आबादी में पहले स्‍थान पर है। यहां विश्‍व आबादी के कुल 18% बोवाईन हैं जो विश्‍व के कुल दुग्‍ध उत्‍पादन में 20%  का योगदान कर रहे हैं।

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