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नोटबंदी के कारण शिवराज सरकार को 275 करोड़ का घाटा, वित्तमंत्री चिंतित

Sunday, November 27, 2016

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भोपाल। यदि यह मनमोहन सरकार ने किया होता तो मप्र सरकार धरने पर बैठ जाती, लेकिन मोदी सरकार ने किया है। कसक दिल में दबाए बैठे हैं, लेकिन फिर भी झलक कर बाहर आ ही गई। वित्तमंत्री जयंत मलैया ने स्वीकरा है कि नोटबंदी के कारण मप्र के सरकारी खजाने को 275 करोड़ का घाटा हो चुका है। शराब बिक्री तेजी से घटी है। अकेले शराब बिक्री घटने से ही 214 करोड़ का नुक्सान हो गया है। बता दें कि शिवराज सरकार लगातार कर्जे में चल रही है। बेतहाशा टैक्स लगाने के बाद भी घाटा पूरा नहीं हो रहा है। कर्मचारियों को बांटने के लिए वेतन तक सरकारी खजाने में नहीं है। 

पुराने नोट बंद होने से केवल आम लोग नहीं बल्कि सरकार भी परेशान है. नोटबंदी की वजह से सरकार के खजाने पर मार पड़ रही है. प्रदेश में शराब की बिक्री 214 करोड़ रुपए घटने से अाबकारी करों में 33 फीसदी से ज्यादा की कमी आ गई है.

राज्य सरकार के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाने वाले आबकारी कर में नोटबंदी के बाद गिरावट का दौर जारी है. आंकडों के लिहाज से देखा जाए तो, पिछले साल नवंबर में सरकार को आबकारी कर से 639.03 करोड़ रुपए की राशि मिली थी. इस वर्ष अब तक सरकार के खजाने में सिर्फ 424.14 करोड़ रुपए आए है.

तीन सेक्टर बुरी तरह प्रभावित
सरकार के खजाने को भरने में आबकारी, रजिस्ट्री और कमर्शियल टैक्स की अहम भूमिका रहती है. आबकारी की तरह रजिस्ट्री से होने वाले राजस्व भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पिछले साल के मुकाबले रजिस्ट्री से होने वाली सरकार की आय भी 16 प्रतिशत कम हुई है. तीनों सेक्टरों को मिलाकर सरकार को पिछले साल के मुकाबले 275 करोड़ रुपए का राजस्व कम मिला है.

वित्त मंत्री बोले, नोटबंदी से घटा सरकार का राजस्व
प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने स्वीकारा है कि नोटबंदी की वजह से सरकार का राजस्व घटा है. उन्होंने कहा कि आबकारी, पंजीयन और वाणिज्यिक कर से होने वाली आय में कमी आई है.
वित्त मंत्री ने स्वीकारा कि उद्योग व्यापार की गतिविधियां धीमी हुई हैं.
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