झूठ बोल रहे हैं जेटली, 2 से 3 हफ्ते में भी नहीं सुधरेंगे हालात

Sunday, November 13, 2016

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नई दिल्ली। यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा है कि नए नोटों के हिसाब से एटीएम तैयार करने में 2 से 3 हफ्ते का वक्त लगेगा। जेटली ने कहा कि ये काम अगर पहले किया जाता तो फिर सीक्रेसी कैसे रहती? रिजर्व बैंक के मुताबिक, 201861 एटीएम हैं। अगर इन्हें नए नोटों के हिसाब से तैयार किया जाए तो एक अनुमान के मुताबिक, 10 हजार इंजीनियर भी इन्हें 10 दिन से पहले तैयार नहीं कर पाएंगे और 10 हजार इंजीनियर्स तो बैंकों के पास है ही नहीं। 

ATM के अंदर कैश रखने के लिए 4 ब्लॉक यानी कैसेट्स होते हैं। इन चारों कैसेट्स में अलग-अलग नोट रखे जाते हैं। इन कैसेट्स नोटों की लंबाई-चौड़ाई के हिसाब से तैयार किया गया था। अब तक 100, 500 और 1000 के नोट रखे जाते थे। इनकी चौड़ाई बराबर लेकिन लंबाई में फर्क था। नए जारी किए गए 500 और 2000 के नोटों की चौड़ाई पुराने नोटों के मुकाबले कम है। इसलिए ATMs नए नोट नहीं निकाल सकते। सीधी सी बात है कि केसेट्स का डिजाइन नए नोटों के हिसाब से किए जाने तक दिक्कत बनी रहेगी। अब 100 का नोट ही ATMs निकाल पा रहे हैं। एक केसेट में ही 100 के नोट रखे जा सकते हैं। इस अनुपात में प्रोडक्शन भी आसान नहीं है।

एक बार में कितना कैश आता है ATMs में?
100, 500 और 1000 रुपए के नोटों को मिलाकर कुल 15 से 20 लाख रुपए तक कैश एक बार में भरा जाता था लेकिन अब चूंकि 100 रुपए के नोट ही रखे जा रहे हैं। ये एक बार में चार लाख से ज्यादा नहीं आ सकते। 500 एवं 1000 वाले केसेट्स मशीनों में खाली पड़े हैं। इसमें दूसरा कोई नोट भी नहीं भर सकते। 

इसलिए भी लगेगा ज्यादा वक्त
दरअसल, एटीएम को नए नोटों के हिसाब से तैयार करने में नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने से ज्यादा वक्त लगता है। 
एक इंजीनियर एक दिन में दो या तीन एटीएम ही नए नोटों के हिसाब से तैयार कर पाएगा। वो भी तब जब मशीनों आसपास हों। 
देश में दो लाख से ज्यादा एटीएम हैं। इसका मतलब ये हुआ कि 10 हजार इंजीनियर मिलकर ये काम 10 दिन से कम में पूरा नहीं कर पाएंगे।

एटीएम तो मशीन हैं, इनसान तो नहीं: अमित शाह
बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट अमित शाह से जब एटीएम में आ रही दिक्कतों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- ATM मशीन है मानव नहीं। इसके अंदर जो नोट होते हैं उसके साइज के हिसाब से वो ऑपरेट होता है। जो नए नोट बनाए गए हैं उनका वजन और साइज अलग है।
शाह के मुताबिक- व्यवस्था बदलने में थोड़ा वक्त लगेगा। सौ-सौ के नोट ATM में मौजूद हैं लेकिन ये ATM में ज्यादा आ नहीं सकते। जल्दी खत्म हो जाते हैं। इसलिए जब तक व्यवस्था नहीं बदल जाती तब तक थोड़ी तकलीफ जरूर होगी। ( पढ़ते रहिए bhopal samachar हमें ट्विटर और फ़ेसबुक पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।)
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