संघ प्रचारक कांड में FIR, सीहोर कांड में लाइन हाजिर भी नहीं - क्लिक करें | No 1 Hindi News Portal of Central India (Madhya Pradesh) | हिन्दी समाचार

संघ प्रचारक कांड में FIR, सीहोर कांड में लाइन हाजिर भी नहीं

Saturday, October 15, 2016

;
भोपाल। पुलिस मुख्यालय का दोहरा चेहरा सामने आया है। बालाघाट में संघ प्रचारक के साथ हुई मारपीट मामले में होमगार्ड को बर्खास्त करने से लेकर आईजी तक को हटा दिया गया, एडिशन एसपी एवं टीआई समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ 307 का मुकदमा दर्ज कर लिया गया और सीहोर में बेटे से मां का रेप कराने वाले पुलिस अधिकारियों को लाइन हाजिर भी नहीं किया गया। महिला संगठनों ने आज भोपाल में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया है। 

आम आदमी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने मप्र सरकार पर महिला अत्याचार को बढ़ावा देने और मानव अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। महिला कार्यकर्ताओं ने सीहोर के एक परिवार के साथ हुई नाइंसाफी को लेकर विरोध दर्ज कराया है। शनिवार को महिलाओं ने प्रदर्शन किया। 

यह है मामला और संगीन आरोप 
जानकारी के अनुसार सीहोर के सिद्दीकगंज में रहने वाली अधेड़ महिला के बेटे राहुल की शादी तीन साल पहले भोपाल की रहने वाली संध्या से हुई थी। शादी के दो साल बाद संध्या अचानक घर से गायब हो गई। इस पर ससुराल पक्ष के लोगों ने संध्या के गायब होने की रिपोर्ट सिद्दीकगंज थाने में दर्ज कराई। एक दिन अचानक सीहोर पुलिस संध्या के ससुराल पक्ष के सभी लोगों को उठाकर थाने ले आई। इनमें संध्या की सास रजनी, पति राहुल और ससुर के अलावा चार नाबालिग बच्चे भी शामिल थे। जानकारी करने पर पता चला कि संध्या के भाई ने राहुल एवं उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है। इस पर पीड़ित परिवार ने भी कानून का सहारा लिया और एक वकील किया।

थाने में की जमकर मारपीट
पीड़ित परिवार के वकील वीरेंद्र परमार ने बताया था कि पुलिस ने राहुल और उसके परिजनों के साथ 15 दिनों तक मारपीट की और उन्हें संध्या की हत्या का जुर्म कबूल करने के लिए कहते रहे। जब परिवार के सदस्यों ने जुर्म कबूल नहीं किया तो पुलिस ने बेटे को मां की पेशाब पिलाई और थाने के भीतर बेटे से मां का रेप करवाया। वकील के अनुसार मामला दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही संध्या को भोपाल में ढूंढ लिया गया।

पीड़ित परिवार का दर्द
पीड़ित परिवार की महिला ने बताया कि हम सब कहते रहे कि हमने कत्ल नहीं किया है। लेकिन, पुलिस वाले हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थे। मेरे पूरे परिवार को बुरी तरह से मारा। एक पुलिस वाले में मेरे बेटे को पेशाब पिलाया और मेरे साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। मेरे चार छोटे बच्चों के सामने थाने में हम सभी के साथ मारपीट की गई एवं गंदी-गंदी गालियां दी गई। हमें इंसाफ चाहिए, इसके लिए हमने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

सीएम से भी लगा चुके है मदद की गुहार
पीड़ित परिवार के वकील वीरेंद्र परमार का कहना है कि उन्होंने आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान, पुलिस डीजीपी और होम मिनिस्टर के आगे भी गुहार लगाई है लेकिन, किसी की तरफ से अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
;

No comments:

Popular News This Week