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बेवजह चीनी आपत्ति

Thursday, October 27, 2016

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राकेश दुबे@प्रतिदिन। अमेरिकी के राजदूत रिचर्ड वर्मा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन ने औचित्यहीन आपत्ति की है, उसे ऐसा कहने और करने का कोई हक नहीं है।  चीन ने यह आपति सिर्फ इसलिए ली है कि वह दुनिया को बताता रहे कि अरुणाचल प्रदेश विवादित क्षेत्र है। चीन की इस प्रतिक्रिया पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने दो टूक जवाब दिया है। जवाब में मंत्रालय ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां दौरे के लिए अमेरिकी राजदूत को भारत सरकार ने अनुमति दी थी।

अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के निमंत्रण पर बाईस अक्तूबर को तवांग गए थे और वहां उन्होंने एक समारोह में हिस्सा लिया था। फिर वर्मा ने अपने इस दौरे की तस्वीरें ट्विटर पर साझा की थीं। ये तस्वीरें सार्वजनिक होते ही चीन बिफर पड़ा। उसने अमेरिकी राजदूत के अरुणाचल जाने को भारत के साथ सीमा विवाद में अमेरिकी दखलंदाजी करार देते हुए कहा है कि इसके बुरे नतीजे हो सकते हैं, इससे मुश्किल से सीमा पर कायम हुई स्थिरता और शांति भंग हो सकती है। अमेरिकी राजदूत ही क्यों, चीन को तो भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों का भी अरुणाचल का दौरा करना खटकता रहा है। जैसे पिछले साल फरवरी में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल दौरे पर नाराजगी जताई थी। चीन की ताजा प्रतिक्रिया, जिसमें उसने सीमा पर शांति भंग की धमकी दी है, पहले से कहीं ज्यादा तीखी है और इसके पीछे सीमा विवाद की पृष्ठभूमि के अलावा पिछले दिनों दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी भी एक वजह हो सकती है।

दोनों देशों की सीमा से सटे नब्बे हजार वर्ग किलोमीटर के इलाके पर चीन अपना दावा जताता है, जिसका अधिकांश हिस्सा अरुणाचल प्रदेश का है। दूसरी ओर, भारत का कहना है कि विवाद अड़तीस हजार वर्ग किलोमीटर के अक्साइ चिन को लेकर है, जिस पर चीन ने 1962 में कब्जा कर लिया था।सीमा पर शांति तो बनी ही रहनी चाहिए। सैद्धांतिक सहमति का एक अहम बिंदु यह भी था कि सीमा विवाद को सुलझाने में स्थानीय आबादी की आकांक्षा को ध्यान में रखा जाएगा। इस कोण से भी भारत का दावा अकाट्य ठहरता है। अरुणाचल को लेकर भले चीन यह जरूरी समझता हो कि भारत की दावेदारी पर सवाल उठाते रहा जाए, मगर सीमा पर शांति भंग की चेतावनी देना एक उकसाने वाला जवाब है और उसे ऐसी प्रतिक्रिया से बाज आना चाहिए।
श्री राकेश दुबे वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं।        
संपर्क  9425022703        
rakeshdubeyrsa@gmail.com
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