शिवपुरी में डॉक्टर ने युवती को पीटा, अस्पताल का कांच तोड़ा और हंगामा किया

Monday, October 24, 2016

शिवपुरी। प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने के बाद डॉक्टरों की अभद्रता बढ़ती ही जा रही है। खुद स्वास्थ्य मंत्री भी कई बार उन्हें मरीज के परिजनों से अच्छा व्यवहार करने की सीख दे चुके हैं परंतु डॉक्टर सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे। शिवपुरी में ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक पुलिसकर्मी की मौत के बाद इलाज कर रहे डॉक्टर से बातचीत कर रही युवती को एक अन्य डॉक्टर ने बेवजह थप्पड़ मार दिया। इसके बाद युवती को धक्का देकर भाग गया। परिजनों ने जब मामले में पुलिस कार्रवाई के लिए हंगामा किया तो डॉक्टरों ने अस्पताल के 2 कांच तोड़कर मृत मरीज के परिजनों के खिलाफ माहौल बना दिया। 

जानकारी के अनुसार जिले के खनियांधाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक इन्द्रपाल सिंह परिहार को सीने में दर्द उठा। उसे करीब 11 बजे अस्पताल दाखिल किया गया। यहां डॉ पीडी गुप्ता उनका इलाज कर रहे थे। पहली ईसीजी रिपोर्ट के आधार पर डॉ. गुप्ता का कहना था कि स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन शाम 5:30 बजे अचानक इन्द्रपाल सिंह हालत बिगडने लगी और आरक्षक की मौत हो गई।

असमय मौत के कारण परिजनों का सवाल करना स्वभाविक था। मौजदू परिजन डॉ गुप्ता से बात कर रहे थे। परिजनों को संदेह था कि डॉ. गुप्ता ने इलाज में लापरवाही की इसलिए सिपाही की मौत हो गई। डॉ. गुप्ता उन्हे समझा रहे थे कि मौजूद संसाधनों का पूरा उपयोग करते हुए इलाज किया जा रहा था। तभी अचानक डॉ. तोमर आ गए और उन्होंने वहां खड़ी एक युवती जो मृत आरक्षक की साली है, को थप्पड़ मार दिया। जैसे ही परिजन आक्रोशित हुए। डॉ. तोमर युवती को धक्का देकर भाग गए। परिजन उन्हें पकड़ने के लिए पीछे दौड़े तो डॉ. तोमर भागकर ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में चले गए और खुद को भीतर से बंद कर लिया। 

इसी दौरान मौके पर सूचना मिलते ही एसडीएम रूपेश उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य सहित टीआई संजय मिश्रा व पुलिस कर्मी पहुच गए। पूरा अस्पताल छावनी में तब्दील कर दिया गया। स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में आ गई। इसी बीच किसी ने अस्पताल के 2 कांच तोड़ दिए और डॉक्टर हंगामा करने लगे। डॉक्टर्स की मांग है कि मृत आरक्षक के परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। जबकि मौजूद पुलिस टीम का कहना है कि मौके पर ऐसा कुछ हुआ ही जिसे जिसमें एफआईआर की जाए। यदि फिर भी करनी है तो डॉ. तोमर के खिलाफ की जानी चाहिए। जिन्होंने युवती को थप्पड़ मारा और धक्का देकर भागे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हम स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि इसके बाद भी डॉक्टरों का हंगामा जारी रहा तो क्रास मुकदमा दर्ज किया जाएगा। डॉक्टर तोमर के खिलाफ युवती को थप्पड़ मारने का और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अस्पताल का कांच तोड़ने का। 

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