अखिलेश से शिवपाल के पैर छुलवाए, माइक छीना, हाथापाई

Monday, October 24, 2016

लखनऊ। अंतत: तय हो गया कि अब यादवों का युद्ध कतई नहीं थमेगा। मुलायम का कुनबा टूट गया है। उसे जोड़ने की आखरी कोशिश आज बिफल हो गई। सुबह से शुरू हुई बैठक दोपहर 2 बजे तक ठीक ठाक रही, लेकिन उसके बाद जो कुछ हुआ वो अप्रत्याशित था। मुलायम सिंह ने अखिलेश को शिवपाल सिंह के पैर छूने के लिए कहा। फिर अखिलेश के हाथों से माइक छीन लिया गया। इसके बाद हाथापाई शुरू हो गई और पैर पटकते हुए अखिलेश मीटिंग से बाहर निकल गए। 

24 अक्टूबर, 2016 समय दोपहर बाद 2 बजे के आस-पास। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के दफ्तर में सब ठीक चल रहा था। पहले अखिलेश, फिर शिवपाल और फिर यादव परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव अपना दर्द छलका चुके थे। बैठक अंतिम दौर में थी लेकिन तभी जो हुआ उसे देख सब भौंचक्के रह गए।

मुलायम के बोलने के बाद अखिलेश उनके पास पहुंचते हैं। मुलायम ने अखिलेश से कहा.. मुसलमान भाग रहा है.. संभालो.. मुझसे मिलने बड़े-बड़े लोग आ रहे हैं। वे कह रहे हैं तुमने एक लेटर भेजा है जिसके कारण मुसलमान नाराज हैं। फिर अचानक अखिलेश को गुस्सा आ गया। अखिलेश ने भन्नाते हुए जोर से कहा.. मेरे खिलाफ साजिश चल रही है। अमर सिंह ने आशु मलिक से मेरे खिलाफ अखबार में एक आर्टिकल छपवाया है। अखिलेश.. इस आर्टिकल में मुझे औरंगजेब बताया गया है।

जब ये सब हो रहा था तब मंच पर ही आशु मलिक बैठे थे। अपना जिक्र आने पर उन्होंने सफाई देने की सोची। वो उठे और अखिलेश से जैसे ही कुछ बोलना चाहा, अखिलेश आग बबूला हो गए.. खबरदार.. तुम बीच में मत आओ।

अखिलेश को तमतमाते देख उनके युवा समर्थक नारे लगाने लगे। भीड़ आशु मलिक की तरफ बढ़ने लगी. धक्का-मुक्की शुरु हुई और मलिक जान बचाने के लिए भागने लगे। अगर सेक्युरिटी वाले आशु को गाड़ी में नहीं बैठाते तो बात बिगड़ सकती थी।

इसके बाद भी युवा समर्थक चिल्लाते रहे। गालियों की बौछार होने लगी। इतना सब होने के बाद भी एक बार फिर मामला शांत होते दिखा जब अखिलेश अपने पिता के पास पहुंचे और कहा.. पिताजी आज मेरा जन्मदिन है और आपने मुझे बधाई नहीं दी। इतना कहते ही अखिलेश ने मुलायम के पैर छू कर आशीर्वाद लिया. इसके बाद मुलायम ने कहा.. चाचा शिवपाल के पैर छू लो और आशीर्वाद लो.. अखिलेश ने शिवपाल के पैर छुए। शिवपाल ने उन्हें गले लगाया।

लेकिन फिर तल्खी लौटती है. जब शिवपाल को कहते सुना गया..अखिलेश झूठ मत बोलो। तभी अखिलेश के हाथ से माइक छीना गया और बात हाथा-पाई में बदल गई। सेक्युरिटी वालों ने फिर बीच बचाव किया. इसके बाद नाराज अखिलेश वहां से गुस्से में निकल गए।

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