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विशेष दल वेयरहाउस में करेगा गरीबों के गेंहू चावल की जांच

Wednesday, October 19, 2016

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सुधीर ताम्रकार/बालाघाट। समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा खरीदे गये गेंहू और चावल जिन्हे वेयर हाउस तथा निजि भण्डार गृहों में भण्डारित किया गया है उनकी गुणवत्ता के जांच के लिये 3 सदस्यी जांच दल का गठन किया जा रहा है। यह जांच दल दूसरे जिलों में जाकर भण्डारित किये गये अनाज की गुणवत्ता के आधार पर जांच करेगी तथा जांच रिपोर्ट सीधे विभाग को सौंपी जायेगी। जिसके आधार पर अग्रिम कार्यवाही सूनिश्चित की जा सकेगी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये वितरित किये जा रहे गेहू और चांवल में अमानक स्तर, मिट्टी तथा चावल में निर्धारित मात्रा से अधिक ब्रोकन (कनकी) मिलने की शिकायतों के मदेदनजर खादय एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जांच के नियम बना दिये।

यह उल्लेखनीय है कि खादय एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव श्री के.सी गुप्ता अनूपपुर दौरे पर गये थे जहां उन्होने गोदाम में रखे चावल की जांच की थी उसमें कुछ चावल की गुणवत्ता तयशुदा मानकों से नीचे मिली तो प्रयोग शाला भेजकर चावल की जांच कराई गई तो उसमें गडबडी साबित हुई। इसके पूर्व भोपाल, सतना, मण्डला सहित अन्य जिलों में गेहू की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ चुके है।

भोपाल में तो गेहू की बोरी में बडी मात्रा में मिट्टी मिली हुई थी। जिसकी जांच में अधिकारियेां के साथ साथ गोदाम संचालक भी दोषी पाये गये है। प्रमुख सचिव खादय एवं आपूर्ति श्री के.सी गुप्ता के अनुसार गोदामों की जांच नागरिक आपूर्ति विभाग खादय एवं नागरिक आपूर्ति निगम और मार्कफेड के अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम सयुक्त रूप से जांच करेगी। प्रत्येक जिले में इसके लिये टीम बनाई जा रही है जो दूसरे जिलों में जाकर जांच करेगी और रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने के बाद प्रयोग शाला से गुणवत्ता की जांच कराई जायेगी। इसमें यदि सेंपल फेल होते है तो गोदाम संचालक के साथ संबंधित अधिकारियेां के खिलाफ कार्यवाही होगी। खादय विभाग के सूत्रों के अनुसार चांवल में कनकी (ब्रोकन) 10 प्रतिशत से ज्यादा नही होना चाहिये भूसि एवं मिट्टी भी नही होनी चाहिये। इसी तरह गेहू में धून लगा मिट्टी लगा और भूसा नही होना चाहिये।

यह उल्लेखनीय है कि बालाघाट मण्डला सहित अन्य जिलों से अमानक स्तर का चावल एवं गेहूं जो खाने के अयोग्य है, राशन के माध्यम से वितरित किये जाने की शिकायते प्रकाश में आई तथा उपभोक्ताओं ने अमानक स्तर का गेहू चांवल लेने से मानही कर दी थी। जिसके कारण विभाग को यह कार्यवाही करनी पडी।

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