Kitchen Pavilion Bhopal: सेवा में कमी का दोषी, जुर्माना लगा

Tuesday, September 13, 2016

भोपाल। लोगों की पारंपरिक रसाईघर को मॉड्यूलर किचन में बदलने का कारोबार करने वाली फर्म 'किचन पविलियन' को सेवा में कमी का दोषी पाया गया है। लगभग 2.5 लाख रुपए लेकर भी 'किचन पविलियन' ने क्वालिटी वाला काम नहीं किया। इतना ही नहीं फर्म ने ग्राहक को भुगतान के बदले रसीद भी नहीं दी, ताकि वो असहाय हो जाए। उपभोक्ता फोरम ने 'किचन पविलियन' को 48 हजार रुपए हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं। 

बावड़िया कलां निवासी राजेंद्र सक्सेना ने शिकायत में बताया कि उन्होंने पविलियन किचन संस्थान से ओरेन ब्रांड के माॅड्यूलर किचन का कार्य 2 लाख 24 हजार 500 रुपए देकर करवाया था। योजना और नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी भी संस्थान की ही थी। जब किचन बनकर तैयार हुआ तो उसमें कई खामियां थीं और एजेंसी ने उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी। इसलिए गारंटी का लाभ भी नहीं मिल सका। 

सक्सेना ने बताया कि पविलियन किचन द्वारा ग्रेनाइट ठीक से नहीं लगाए गए। जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही थी। साथ ही मैजिक कॉर्नर भी तरीके से नहीं लगाए गए थे। उन्होंने जब इसकी शिकायत की तो पविलियन किचन द्वारा 5 हजार रुपए काट कर 30 हजार रुपए वापस कर दिए गए। सुनवाई के दौरान 'किचन पविलियन' ने अपने बचाव में कहा कि बिजली के लिए बनाए गए प्वाइंट सही स्थान पर नहीं थे। उपभोक्ता उसी समय विरोध करना चाहिए था। 

पविलियन किचन की ओर से तर्क रखते हुए एडवोकेट ने कहा कि आवेदक राजेंद्र सक्सेना के बिल्डर ने जो सामान दिया था उसी से कर्मचारियों ने निर्माण कार्य किया, इसलिए निर्माण एजेंसी 'किचन पविलियन' सेवा में कमी की दोषी नहीं है। 

जिला फोरम के अध्यक्ष पीके प्राण, सदस्य सुनील श्रीवास्तव, डॉ. मोनिका मलिक की बेंच ने साक्ष्य और दस्तावेज के आधार पर पाया कि निर्माण में कई खामियां थीं। बेंच ने 'किचन पविलियन' को 25 हजार रुपए हर्जाना, 10 हजार रुपए खामियों के लिए व मानसिक त्रास के लिए 10 हजार रुपए और 3 हजार रुपए परिवाद व्यय अदा करने के आदेश दिए हैं। 

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं