IAS राधेश्याम जुलानियां के खिलाफ कर्मचारी संगठनों का प्रदर्शन मंगलवार को

Sunday, September 25, 2016

भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्यसचिव राधेश्याम जुलानियां के द्वारा जिलों की समीक्षा बैठकों में नियमित तथा संविदा कर्मचारियों अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है तथा उनको नौकरी से बिना जांचे परखे निकालने की धमकी दी जा रही है।  जिसके विरोध में प्रदेश के समस्त मान्यता प्राप्त तथा गैर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन एकजुट हो गये हैं। 

सभी कर्मचारी कर्मचारी संगठन मंगलवार 27 सितम्बर 2016 को राधेश्याम जुलानियां के अभद्र व्यवहार ओर नौकरी से निकालने की धमकी के विरोध में भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पर्यावास भवन में दोपहर डेढ़ बजे प्रदर्शन करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानियां के द्वारा समीक्षा बैठकों में सभी कर्मचारी अधिकारियों का अपमान पूर्वक व्यवहार किया जा रहा है। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा है कि राधेश्याम जुलानियां जो को यह मालुम चल चुका है कि वो मुख्यसचिव की दौड़ से बाहर हो गये हैं इसलिए अपनी खीझ कर्मचारियों और अधिकारियों पर निकाल रहे हैं। 

मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा है कि राधेश्याम जुलानियां की ईट का जवाब पत्थर से देंगेें कर्मचारी अधिकारी संगठन देंगें। राधेश्याम जुलानियां की शिकायत मुख्यमंत्री तथा उच्च स्तर तक की जायेगी। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि विदिशा जिले के एक जिला समन्वयक नरेश श्रीवास्तव को समीक्षा बैठक के दौरान इसलिए हटाने की धमकी दी गई कि वो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संविदा नीति के खिलाफ हाईकोर्ट गया। समीक्षा बैठक में उसको कहा गया कि आप अपनी याचिका वापस ले लें नहीं तो एक महीने का नोटिस देकर आपकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि संविदा कर्मचारी अधिकारी हमेशा अपने उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन करके कार्य करता है। 

उसके पास ना तो वित्तीय अधिकार होते है ना प्रशासनिक तथा प्रदेश के जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के दबाव में काम करता है इसलिए बिना जांच किये संविदा कर्मचारियों को हटाने का कोई औचित्य ही नहीं है । सबसे पहले विभागीय जांच कराई जाए उसके बाद किसी संविदा कर्मचारी अथवा नियमित कर्मचारी को हटाया जाए। 

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