नेता और अफसरों की काम वाली बाईयों का वेतन नपा से जारी होता है - क्लिक करें | No 1 Hindi News Portal of Central India (Madhya Pradesh) | हिन्दी समाचार

नेता और अफसरों की काम वाली बाईयों का वेतन नपा से जारी होता है

Wednesday, September 21, 2016

;
भोपाल। मध्यप्रदेश के तमाम ताकतवर नेता और अफसरों के यहां जो महिलाएं घरेलू काम करतीं हैं। साफ सफाई, बर्तन और खाना बनाना इत्यादि। उनका वेतन नगरपालिका से जारी होता है। रजिस्टर में वो सभी नगरपालिका की कर्मचारी होतीं हैं। यह खुलासा राजधानी में आए महापौर एवं नगरपालिका अध्यक्षों ने किया। 

स्वच्छता सर्वेक्षण- 17 पर आयोजित कार्यशाला में भाग लेने प्रदेश भर से नगर निगमों के महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष मंगलवार को राजधानी आए हुए थे। लक्ष्य था, आगामी सर्वेक्षण में ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल कर प्रदेश के शहरों को नंबर-1 रैंकिंग में लाना। लिहाजा शहरों को कैसे स्वच्छ बनाया जाए, इसके टिप्स नगरीय प्रशासन के डिप्टी डायरेक्टर नीलेश दुबे दे रहे थे। सर्वेक्षण में 23 अंक कर्मचारियों के मैनेजमेंट पर होने की बात जैसे ही उन्होंने कही, महापौर और अध्यक्षों को अपनी पीड़ा जाहिर करने का मौका मिला गया।

गुना नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सलूजा ने तत्काल ही सवाल खड़ा कर दिया कि हम तो अफसरों के बंगले पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर थक गए हैं। नपा में 500 कर्मी हैं तो 100-150 तो बंगलों के लिए रिजर्व करना होगा, नहीं तो काम ही नहीं चलेगा। सलूजा अपनी बात पूरी कर पाते, सतना महापौर ममता पाण्डे ने इस सफाई का खुलकर समर्थन करते हुए अफसरशाही पर हमला बोल दिया।

महापौर बोलीं निगम आयुक्त कुछ सुनते ही नहीं। जनप्रतिनिधियों को खेल समझ रखा है, मैं ऐसा महसूस करने लगी हूं कि महापौर व नपाध्यक्षों का एक संगठन होना चाहिए। अफशरशाही की व्यवस्था यह है कि निगम में काम करने वाले कर्मचारी मूल काम छोड़ बंगले पर चौकीदारी कर रहे हैं। काम ननि के कर्मचारियों से लेते हैं और उन्हें वेतन भी नहीं देते। आयुक्त कब किस मामले की फाइल चुपके से बढ़ा दें, पता ही नहीं चलता।

सरकार कुछ नहीं कर सकती, आप खुद निपटो 
मुद्दा और गरमाता इससे पहले डिप्टी डायरेक्टर दुबे ने हाथ खड़े करते हुए कह दिया यह मामला आपकी व्यवहारिक समस्या का है, इसका निपटारा आपको ही करना होगा। नंबर चाहिए तो कर्मचारियों को मैनेजमेंट तो करना ही होगा। भोपाल ननि के करीब 500 से कर्मी अफसरों और नेताओं के बंगले पर तैनात हैं। इस पर महापौर आलोक शर्मा आपत्ति भी जता चुके हैं। इन सफाईकर्मियों का वेतन ननि ही करती है।
;

No comments:

Popular News This Week