दीपावली पर पूरे प्रदेश में अंधेरा करने की तैयारी

Wednesday, September 14, 2016

जबलपुर। 22 तरह की मांगों को पूरा करवाने के लिए मैदानी अमला पूरे प्रदेश में अंधेरा करने की तैयारी में है। प्रदेश स्तर के सम्मेलन में मंगलवार को तकनीकी कर्मचारियों ने रणनीति तैयार की। आंदोलन की शुरूआत 14 सितंबर से होने जा रही है और 26 अक्टूबर से प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी फाइनल कर दी गई है। 
मप्र विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ की बैठक तहसीली चौक स्थित अम्बेडकर भवन में आयोजित हुई। इसमें प्रदेश की सभी जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। विचार-विमर्श के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया और आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। पूरा आंदोलन चार चरणों में किया जाएगा। इस अवसर पर संघ के शम्भूनाथ सिंग, केके पैगवार, कमल गिरी, एसके मौर्या, रतिपाल यादव, मनमोहन शुक्ला, इंद्रजीत साहू, राजेश काले, राजाराम यादव, शिव दहायक, सुरेन्द्र चौबे, भगवानदास साहू, संजय दुबे सहित सैकड़ों पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

ये हैं प्रमुख मांगे
बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति
पेंशन फंड का निर्माण
संविदा, दैनिक भोगियों का नियमितिकरण
मीटर रीडर, ठेका श्रमिकों का नियमितिकरण
फ्रिन्ज बेनीफिट प्रदान करना
तीनों वितरण कंपनियों को एक करना
ठेका प्रथा को बंद करना
जोखिम भत्ते में इजाफा 20 लाख का बीमा
रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती

32 हजार कर्मी हड़ताल करेंगे
तकनीकी कर्मचारी संघ का दावा है कि पूरे प्रदेश में 32 हजार से ज्यादा कर्मी कार्यरत हैं। आंदोलन को लेकर तैयार की गई रूपरेखा से साफ हो गया है कि सभी कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। दावा किया जा रहा है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो पूरे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था बेपटरी हो जाएगी।

पहला चरण :
14 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी पावर हाउस, वितरण केन्द्रों में जनजागरण रैली निकाली जाएगी और पूरे प्रदेश में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

दूसरा चरण :
14 अक्टूबर को प्रदेश के सभी पावर हाउस तथा क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

तीसरा चरण :
20 और 21 अक्टूबर को भोपाल में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को उग्र रूप देते हुए पूरे प्रदेश में रैलियां निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा।

चौथा चरण :
26 अक्टूबर को पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। तकनीकी कर्मचारी न तो किसी तरह की सेवाएं देंगे न ड्यूटी पर रहेंगे। 

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