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दमोह में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें बना रही है नगरपालिका

Saturday, September 24, 2016

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दमोह। सरकारी ऐजेंसियां जब निर्माण करतीं हैं तो माना जाता है कि वो वैद्य ही होगा लेकिन तेंदुखेड़ा नगर परिषद तो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कर रही है। मामला आला अधिकारियों तक पहुंच गया है लेकिन सब चुप हैं। 10 साल बाद इन्हीं कुर्सियों पर बैठे दूसरे अधिकारी इन दुकानों को अतिक्रमण बताकर तोड़ देंगे। 

क्या है मामला
जिले की तेन्दूखेड़ा नगर परिषद ने वार्ड क्रमांक 12 में खसरा नम्बर 307/1 रकबा 0.024 हेक्टयेर शासकीय चरनोई भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया और इस भूमि पर दुकानों का निर्माण कार्य चालू कर दिया। इसके लिए बकायदा 11/12/2015 को 23 लाख 31 हजार रूपये का टेंडर भी जारी कर दिया गया। संबंधित ठेकेदार को शासकीय भूमि पर दुकान निर्माण हेतु आदेशित भी कर दिया गया। शासन और न्यायालय की परवाह न करते हुए नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अवैध निर्माण चालू भी कर दिया है। नगर परिषद के ही एक वार्ड पार्षद राजकुमार साहू ने इस अवैध निर्माण की शिकायत जिला कलेक्टर, एसडीएम तेन्दूखेड़ा तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद तेन्दूखेड़ा से की है। माना जा रहा है कि यह निर्माण अपनों को उपकृत करने के लिए किया जा रहा है। अध्यक्ष सहित अनेक अधिकारी इन निर्माणाधीन दुकानों पर गिद्ध दृष्टि जमाए बैठे हैं। चरनोई भूमि पर अवैध कब्जा कर 2.44 मीटर बाई 3.05 मीटर की 16 दुकानें बनाई जा रही हैं। 

चरनोई पर नहीं हो सकता निर्माण
शासन की माने तो चरनोई भूमि की कमी देखते हुए शासकीय चरनोई भूमि पर किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। ऐसे ही निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा भी समय समय पर दिए जाते रहे हैं जिसमें चरनोई भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ न्यायालय द्वारा कार्यवाही करने तथा भूमि का अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश जारी किए गए हैं। परंतु दमोह जिले में बैठे प्रशासनिक अधिकारी अपने निजी हितों के लिए जनप्रतिनिधियों से मिलकर शासन तथा न्यायलय के ओदशों की ध्वज्जियां उड़ा रहे हैं।

शहर में कई जगह हैं दंबगों के कब्जे
अतिक्रमण हटाने के नाम पर ठिलिया और खोमचा लगाने वालों को बेरोजगार करने वाले जिला प्रशासन की निगाह शहर में दबंगों द्वारा किए गए कब्जे पर नहीं पड़ रही है। ग्राम ग्वारी में मिशन संचालक विवर्त लाल द्वारा सरकारी चरनोई भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया, ऐसे ही अग्रवाल दाल मिल के संचालक राकेश अग्रवाल ने सरकारी रास्ते पर कब्जा किया हुआ है। रेड क्रास की जमीन पर बनी दुकानों को पीछे से तोड़ कर कई दुकानदारों ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। त्रिलोक सिंह खंडूजा द्वारा अवैध कब्जा कर स्कूल बना लिया गया एवं क्रेशर के पीछे पड़ी जमीन पर भी अवैध कब्जा कर उसमें फैंसिंग लगा दी गई। इतना ही नहीं मुकेश नायक कॉलोनी के पास डली बेसकीमती सरकारी चरनोई भूमि पर भी त्रिलोक सिंह खंडूजा ने कब्जा कर फेंसिंग लगा दी है। ग्राम पंचायत में सामुदायिक भवन बनाने के नाम पर गोदाम बना ली गई और वर्तमान में वह गोदाम किराए पर दी गई है। 

कलेक्टर और पीएस को जारी हो चुका है नोटिस
सागर के 25 एकड़ सरकारी चरनोेई भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा एवं दुकान निर्माण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा सागर कलेक्टर एवं प्रमुख सचिव राजस्व भोपाल को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें सरकारी चरनोई जमीन को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश जारी किए गए हैं। 
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