दस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार को करेंगें प्रदर्शन - क्लिक करें | No 1 Hindi News Portal of Central India (Madhya Pradesh) | हिन्दी समाचार

दस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार को करेंगें प्रदर्शन

Friday, September 30, 2016

;
भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में पन्द्रह सालों से उन्नीस हजार संविदा कर्मचारी अधिकारी कार्य कर रहे थे । पन्द्रह साल बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंधन द्वारा प्रबंधन व्यय कम करने के नाम पर सत्रह कैडर पद समाप्त कर दिये गये और जो पद समाप्त नहीं किये उन पदों पर  संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों का अप्रैजल किए जाने का निर्णय ले लिया गया। अप्रैजल में काफी विसंगतियां थी। पहली विसंगति तो यह ही थी कि पन्द्रह साल से कार्य कर रहे व्यक्तियों का लिखित मौखिक फिजिकल अप्रैजल लिये जाने का औचित्य क्या है। दूसरी विसंगति यह थी कि अप्रैजल केवल संविदा कर्मचारियों का ही क्यों लिया गया नियमित कर्मचारियों का नहीं किया गया ।  अप्रैजल के नाम पर जानबूझकर लोगों की सेवा समाप्ति कर दी गई। 

अप्रैजल में निम्नलिखित और भी विसंगतियां थी - 
(1) अप्रैजल में नियम था कि कर्मचारियों को उसी समय उनके नम्बर बताये जायेंगें और उसकी कापी दी जाएगी । ऐसा कुछ भी नहीं किया कर्मचारियों को अपने नम्बर जानने के लिए आरटीआई लगानी पड़ी । । 
(2) जिन जिलों के अधिकारी अप्रैजल में बैठे थे उन जिलों के कर्मचारियों को बाहर नहीं किया गया । 
(3) कुछ कर्मचारी ऐसे थे जिनको पहले फेल किया गया । पैसे लेने के बाद उनको पास कर दिया गया । 
(4) भोपाल संभाग में जो टीम बनाई गई थी । उनमें से कुछ अधिकारी वो थे ही नहीं उनके स्थान पर कोई और बैठे हुये थे । भोपाल संभाग में डा यू.एस. यादव एपराईजल टीम में
(5) विभाग के द्वारा 2015-16 के कार्य के आधार पर अप्रैजल लिया जाना था । भोपाल संभाग के दल ने आदेश जारी कर 2016-17 के कार्य के आधार पर अप्रैजल में अपने काम-काज की जानकारी लेकर बुला लिया । 
(6) जो अप्रैजल टीम के मेंम्बर नहीं थे । और उनके द्वारा साक्षात्कार लिया गया । बाद में जब नंबर सीट प्राप्त हुई तो उसमें डा. यादव के स्थान पर अन्य किसी के हस्ताक्षर थे ।

निम्न पद समाप्त कर दिये गये 
संभाग स्तर   - कार्यक्रम प्रबंधक, लेखा प्रबंधक, लाजिस्टिक प्रबंधक, प्रशिक्षण समन्वयक,कम्युनिटी   मोबिलाईजर, माृत स्वास्थ्य सलाहकार, शिशु स्वास्थ्य एवं एफबीएनसी,।

जिला स्तर की - परिवार कल्याण परामर्शदाता, किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता, स्तनपान सलाहाकार, जिला पोषण सलाहकार, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, सलाहकार लेखा एवं मूल्यांकन, सलाहाकार सामुदायिक अधिकारी, जिला अस्पताल सह गुणवत्ता प्रबंधक, जिला नर्सिंग समन्वयक, बीमाक लेखापाल, दवा वितरण सहायक, हैल्पडेस्क सहायक ।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. ने चलाई मनमर्जी - अप्रैजल में जो लोग योग्य थे उनके भी बाहर कर    दिया  ।
(1) गुड्डी जाटव प्राथमिक स्वा.के. कौलारस मुरैना - रिकार्ड सही होने के बावजूद रिकार्ड के नम्बर नहीं दिये जिससे कम अंक आए और अप्रैजल में बाहर कर दिया । 
(2) सीमाबाई माहोर  ए.एन.एम सबलगढ़ मुरेना - संयुक्त संचालक स्तर में अप्रैजल में 70 नम्बर दिखायेे गये। जब फाईनल आदेश आया तो उसमें डिसक्वालाईफाईड कर दिया गया । 
(3) मीना राठौर ए.एन.एम सबलगढ़ - 6 महीने मेटरनिटी लीव पर थी । बिना किसी जांच के अप्रैजल कर दिया गया । अप्रैजल की कोई सूचना नहीं दी गई । और अप्रैजल में बाहर कर दिया गया । कोई रिकार्ड चैक ही नहीं किया । 
(4) भारती सोनी एन.एन.एम. जबलपुर - अप्रैजल लिया गया अप्रैजल में 68 नम्बर आए फिर बोल दिया गया कि आपका पद समाप्त कर दिया गया । 

राष्टीय स्वास्थ्य मिशन में ही प्रतिनियुक्ति पर नियमित अधिकारी अनेक वर्षो से जमे हुये हैं जबकि नियमानुसार प्रतिनियुक्ति तीन वर्ष से ज्यादा नहीं हो सकती है । स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे नियम विरूद्व प्रतिनियुक्ति पर जमें अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है। 

जो सत्रह पद समाप्त करके हजारों संविदा कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी उसमें यह कहा जा रहा है कि केन्द्र सरकार ने पद समाप्त कर दिये गये जबकि हकीकत यह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. ने उन पदों का प्रस्ताव अपनी वार्षिक कार्य योजना में केन्द्र सरकार को भेजा ही नहीं ।

एच.आर. लागत कम करने के नाम पर संविदा कर्मचारियों की छटनी की गई जबकि प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारी वर्षो से विभाग में जमें हैं उनको नहीं हटाया गया। म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य गौरी सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक किरण गोपाल रावं को इक्कीस दिन पहले आंदोलन का नोटिस दिया था लेकिन सरकार के किसी अधिकारी ने अभी तक चर्चा के लिए संगठन को नहीं बुलाया ना ही बातचीत की । म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि म.प्र. सरकार की उदासीनता और स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों की तानाशाही रवैये के विरोध प्रदेश के दस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अधिकारी 4 अक्टूबर को राजधानी के नीलम पार्क में प्रदेश व्यापी धरना/प्रदर्शन कर आंदोलन की शुरूआत करेंगें ।
;

No comments:

Popular News This Week