विदिशा पुलिस के सामने हुई तांत्रिक क्रियाएं, किसी ने नहीं रोका

Wednesday, September 21, 2016

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विदिशा। गवाही या बयानों के समय किसी भी व्यक्ति को भ्रमित करने की कोशिश करना अनुचित माना जाता है। पुलिस ऐसा करने वालों को रोकती है। ताकि व्यक्ति निर्भय होकर बिना किसी भ्रम के अपने बयान दे सकें परंतु यहां कोतवाली में आए एक प्रेमी युगल पर युवती के पिता व ताऊ ने पुलिस की मौजूदगी में तांत्रिक प्रयोग किया। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास तक नहीं किया। 

मंगलवार को बयान देने के लिए नवयुगल जैसे ही कोतवाली पहुंचे वैसे ही युवती के परिजन टूट पड़े। युवती के पिता और ताऊ ने नवयुगल के ऊपर एक विशेष किस्म का चूर्ण डाल दिया। पिता का कहना था कि बेटी तू तंत्र-मंत्र की वजह से दूसरों के वश में आ गई है। इसलिए मैं तुझ पर ये भभूत डाल रहा हूं। इससे तेरे ऊपर किया गया तंत्र-मंत्र का असर खत्म हो जाएगा। इस बात पर बेटी का कहना था कि पापा मैं तो सिर्फ प्रेम के वश में हूं। प्रेम के वश में होने के बाद किसी तरह का मंत्र काम ही नहीं करता।

इसके बाद दोनों पक्षों को एसडीएम कोर्ट लाया गया। यहां लड़की के परिजन और प्रेमीयुगल के बयान लिए गए। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने युवती को अपने पति के साथ जाने की इजाजत दे दी। इसके बाद ही करीब चार घंटे तक कोतवाली और एसडीएम आॅफिस के बाहर चला ये तमाशा खत्म हुआ।

पति ने किया विरोध 
पति का कहना था कि कोतवाली थाने में पत्नी के पिता और ताऊ ने उसके ऊपर तांत्रिक चूर्ण डाला था। उससे शरीर ही सुन्न होने लगा था। मैंने जबरन हाथ से झटका देकर कागज की पुड़िया फेंकी, नहीं तो वे मुझपर और पत्नी पर पूरा चूर्ण डाल देते थे। यदि मेरी पत्नी जवाब नहीं देती तो वे मुझ पर हमला भी कर देते। पुलिस भी देखती रही। इस तमाशे को कोई रोकने वाला नहीं था।

3 महीने पहले हुई थी शादी
खरीफाटक निवासी 19 वर्षीय युवती 22 जून को गायब हुई थी। 30 जून को कोतवाली थाने में युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। युवती ने बैरसिया के रेंज चौराहे के पास रहने वाले युवक के साथ भोपाल में जाकर 22 जून को ही शादी कर ली थी। युवती के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसलिए इस मामले में बयान होना था। मामला पेचीदा होने के कारण कोतवाली पुलिस दोनों को लेकर एसडीएम आरपी अहिरवार के कोर्ट में पहुंचे। यहां दोनों के बयान लिए गए।

दो साल पहले हुई थी दोस्ती
सौरभ ने बताया कि विदिशा के मधुवन गार्डन में करीब दो साल पहले अनुपमा से मुलाकात हुई थी। रिश्तेदार की शादी में मैं बहुत काम कर रहा था। इससे अनुपमा मेरी तरफ आकर्षित हो गई। इसके बाद हम दोनों बात करने लगे। आखिरकर हमनें शादी करने का निर्णय लिया लेकिन परिजन पक्ष में नहीं थे। इसलिए हमनें भोपाल जाकर विवाह किया।
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