अब सभी ट्रेनों का किराया 50 प्रतिशत तक बढ़ाएगी मोदी सरकार

Monday, September 12, 2016

नईदिल्ली। शताब्दी, राजधानी और दुरंतो ट्रेन में ‘फ्लेक्सी फेयर सिस्टम’ को मिले रेस्पांस के बाद रेलवे के अधिकारी उत्साहित हैं और जल्द ही वो सभी ट्रेनों में ‘फ्लेक्सी फेयर सिस्टम’ लागू करना चाहते हैं। अर्थ यह हुआ कि अब सभी ट्रेनों का किराया 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। जो जल्दी आएगा उसे कुछ सस्ता पड़ेगा। 

प्रीमियम ट्रेनों में टिकट आरक्षण में ‘फ्लेक्सी फेयर’ सिस्टम के लागू करने को लेकर हो रही आलोचना के बीच रेल मंत्रालय ने रविवार को साफ किया कि वो इसे वापस नहीं लेगा। हालांकि मंत्रालय ने ये साफ किया कि वो फिलहाल बाकी ट्रेनों में ये सिस्टम लागू नहीं करने जा रहा है। मंत्रालय ने ताजा आंकड़ों के हवाले से उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि किराया बढ़ने से सेकेंड एसी और थर्ड एसी श्रेणी के यात्री इनकी जगह सस्ती हवाई सेवा का विकल्प चुनने की तरफ बढ़ सकते हैं। नई योजना का बचाव करते हुए रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने कहा, “अभी राजधानी ट्रेनों की सभी सीटों ओवर-बुक्ड हैं, इस समय राजधानी की 118 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं जबकि पिछले साल इस समय इनकी 90 प्रतिशत सीटें ही आरक्षित थीं।”

मोहम्मद जमशेद ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद से लोगों में टिकट आरक्षित कराने की होड़ लग गई है। रेलवे को नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहले दो दिनों में 1.6 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई। जमशेद ने बताया, “हम जल्द ही विमानन क्षेत्र की तरह नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष छूट देने की व्यवस्था देने की योजना पेश करेंगे।” बोर्ड सदस्य ने कहा कि अगर ये मान लिया जाए कि रेल का किराया बढ़ने से यात्री हवाई यात्रा की तरफ जा सकते हैं तो इस तर्क से विमानों के किराए में कमी से भी रेल यात्रियों को हवाई यात्रा की तरफ जाना चाहिए लेकिन आंकड़े इसका समर्थन नहीं करते।

भारत सरकार ने 9 सितंबर से राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसे प्रीमियम ट्रेनों के ऑनलाइन टिकट आरक्षण में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू कर दिया है। इसके तहत इन ट्रेनों के किराए में 50 प्रतिशत तक के बढ़ोतरी हो गई है। हवाई टिकट के बराबर हो जाएगा। सरकार ने ये बढ़ोतरी डायनमिक प्रिसिंपल मॉडल के तहत लागू की है यानी इन प्रीमियम श्रेणियों के पहले 10 प्रतिशत टिकट ही मौजूदा दर पर मिलेंगे। बाकी 90 प्रतिशत टिकट बुनियादी किराए से 10 से 50 प्रतिशत अधिक ज्यादा कीमत पर मिलेंगे। इस बदलाव के बाद प्रीमियम ट्रेनों में सेकंड एसी का किराया 50 प्रतिशत तक और थर्ड एसी का किराया 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।

फर्स्ट एसी और एग्जिक्यूटिव चेयर काल क्लास को छोड़कर नई दरें का प्रभाव दुरंतों जैसी ट्रेनों के नॉन-एसी श्रेणी की टिकटों समेत सभी श्रेणियों पर पड़ा है। अभी रेलवे के पास 42 राजधानी, 46 शताब्दी और 54 दुरंतो ट्रेनें नियमित प्रयोग में हैं। प्रीमियम ट्रेनों के केवल बुनियादी किराए में बढ़ोतरी होगी, जबकि अतिरिक्त शुल्क, कैटरिंग शुल्क, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क और सेवा शुल्क पहले जितना ही रहेगा। नई नीति के तहत पहले 10 प्रतिशत सीटें मौजूदा दर पर मिलेंगे। उसके बाद अगले हर 10 प्रतिशत सीटों में से आधी नई दर से आरक्षित की जाएंगी। सेकंड एसी की आखिरी 50 प्रतिशत सीटें बुनियादी किराए से 50 प्रतिशत अधिक कीमत पर मिलेंगी। थर्ड एसी की आखिरी 60 प्रतिशत सीटें मूल किराए से 40 प्रतिशत अधिक कीमत पर मिलेंगी।आम तौर पर रेल किराए का 78 से 86 प्रतिशत मूल किराया होता है। मूल किराया सेक्टर और श्रेणी के आधार पर तय होता है। मौजूदा दरों में प्रीमियम ट्रेनों की 30-40 प्रतिशत सीटें आरक्षण शुरू होते ही कुछ मिनटों के अंदर आरक्षित करा ली जाती हैं। टिकट आरक्षण यात्रा की तारीख से 90 दिन पहले शुरू हो जाता है। यानी नई व्यवस्था के तहत आरक्षण शुरू होने के एक दिन बाद भी टिकट लेने वालों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार किराया देना होगा।

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