1 जनवरी 16 से चाहिए 7वां वेतनमान: कर्मचारी संघ की मांग

Thursday, September 8, 2016

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धार। मप्र राज्य कर्मचारी संघ ने मांग की है कि मप्र के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 7वां वेतनमान दिया जाए। अपनी 22 सूत्री लंबित मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर विजय मंडलोई को सौंपा। इसमें 6वें वेतनमान की विसंगति दूर करने की मांग भी की गई है। 

इसमें राज्य के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान केंद्र के समान 1 जनवरी 2016 से लागू किया जाए। छटवें वेतनमान की विसंगतियां, जिसमें प्रमुख रूप से वेतनमान रु. 5000-8000 एवं 5500-9000 जिसमें ग्रेड पे 3200 एवं 3600 स्वीकृत की गई है। इसके स्थान पर केंद्र सरकार के समान रु. 4200 एवं 4300 स्वीकृत किया जाए। 1 जनवरी 2006 एवं 1 जुलाई 2006 के मध्य वेतन वृद्धि प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को केंद्र एवं अन्य राज्यों के समान एक वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। अग्रवाल वेतन आयोग की अनुशंसा अनुसार कार्यभारित कर्मचारियों को नियमित स्थापना में नियुक्त की जाए। क्रमोन्नति, समयमान एवं अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए। दैवेभो को नियमित किया जाए तथा सेवा में रहते मृत होने पर परिवार सदस्यों को 5 लाख रु. अनुकम्पा अनुदान दिया जाए। 

शिक्षा विभाग में लागू की गई एम शिक्षा मित्र योजनांतर्गत एप स्मार्ट फोन के माध्यम से ली जा रही उपस्थिति की प्रक्रिया में व्यवहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नेट की उपलब्धता नहीं होने से शिक्षकों की उपस्थिति की प्रक्रिया पूर्ववत की जाए। सहायक शिक्षकों को भी 10, 20, 30 वर्षों की सेवाकाल में समयमान वेतनमान स्वीकृत करने सहित अन्य मांगें की। जिला शाखा के संरक्षक वीरेंद्र जैन, शैलेंद्र तिवारी, उपाध्यक्ष बच्चूसिंह ठाकुर मौजूद थे। 
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