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दवाई ने नहीं बढ़ाई लंबाई, ठोक दिया मुकदमा, मिलेगा हर्जाना

Thursday, August 18, 2016

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भोपाल। इंदौर की दवा कंपनी ने टीवी में विज्ञापन दिखाकर 20 दिन में डेढ़ इंच और तीन महीने में 3 इंच लंबाई बढ़ने का सपना दिखाया। सोनल (परिवर्तित नाम) ने कंपनी द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुसार दवा का पूरा कोर्स किया। दावे के मुताबिक दवा का कोई फायदा नहीं हुआ। तीन माह में सोनल की लंबाई 3 इंच तो 3 मिलीमीटर लंबाई नहीं बढ़ी। बाद में कंपनी भी अपने वादे से मुकर गई।

मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा। साढ़े तीन साल सुनवाई चली और अब दवा कंपनी को फोरम के अध्यक्ष प्राणेश प्राण, सदस्य सुनील श्रीवास्तव व मोनिका मलिक की बैंच ने 2 महीने के भीतर फरियादी को 3 हजार दवाओं की राशि 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं। साथ ही 10 हजार स्र्पए मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति की राशि अदा करने कहा है।

बागसेवनिया में रहने वाले एडवोकेट रामचरण मेहरा के बच्चों ने 7 जनवरी 2013 को टीवी में इंदौर की जीटीएम टेली शॉपिंग कंपनी का लंबाई बढ़ाने वाली दवा का विज्ञापन देखा था। फोन करने पर पता चला कि कंपनी की एक शाखा हलालपुर बैरागढ़ में है। रामचरण ने यहां से स्टेपअप बॉडी ग्रोथ आयुर्वेदिक फॉर्मूला 3 हजार स्र्पए में मंगवाया था। इसमें 20 दिनों के भीतर डेढ़ इंच लंबाई बढ़ने और तीन महीने तक पूरी दवाई खाने पर 3 इंच लंबाई बढ़ाने का वादा किया था। बताए गए समयानुसार दवाई खाईं, पर लंबाई में कोई फर्क नहीं आया।

जिसकी शिकायत रामचरण मेहरा ने हलालपुर कंपनी के कार्यालय में की। यहां से उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि कंपनी के इंदौर हेड ऑफिस बात कीजिए। जब फरियादी के बेटे ने कंपनी के इंदौर कार्यालय फोन पर बात की तो संबंधित कर्मचारी ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर फोन रख दिया। कंपनी द्वारा कोई सुनवाई नहीं होने पर फरियादी ने 21 फरवरी 2013 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। बुधवार को फोरम ने फरियादी के पक्ष में फैसला सुनाया है। 

बच्चों ने विज्ञापन देखकर मंगाई थी दवाइयां 
मेरे बेटे ने टीवी पर विज्ञापन देखकर आयुर्वेदक दवाई मंगाई थी। बेटी की लंबाई 4 फीट 7 इंच के आसपास है। हाइट नहीं बढ़ी तो कंपनी में शिकायत की। कार्यालय के कई चक्कर लगाए। परेशान हुए। इसके बाद उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। मैंने 90 हजार स्र्पए का दावा किया था। प्रकरण की पैरवी एडवोकेट विनोद दुबे ने की। 
रामचरण मेहरा, एडवोकेट व फरियादी पिता
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