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दिल्ली में श्रम संगठनों का जंगी प्रदर्शन

Tuesday, August 9, 2016

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नईदिल्ली। केन्द्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर जहां सारे देश में मजदूरवर्ग के 12 सूत्री मांग-पत्र के लिए धरना प्रदर्शन हुए। दिल्ली में विभिन्न इलाकों उद्योगों व संस्थानों से हजारों मजदूर, कर्मचारी बहादुरशाह जफर मार्ग स्थित शहीद भगत सिंह पार्क पर सुबह 11 बजे एकत्र हुऐ। झंड़े बैनर व अपनी मांगों की तख्तियां थामे मजदूर कर्मचारी जोशपूर्ण नारे लगाते हुऐ आई.टी.ओ होकर दिल्ली सचिवालय की ओर रैली में मार्च करते हुऐ बढ़े। जिन्हें पुलिस ने आईटीओ चौक पर रोक लिया। 

मजदूर कर्मचारियों ने जमकर जोशपूर्ण नारे लगाये। इस कार्यक्रम में एक्शन कमेटी अगेंस्ट कान्ट्रैक्ट सिस्टम के बैनर तले ठेका कर्मचारियों के आईआरसीटीसी, सीबीएससी, सीडब्लूसी, कन्टेनर कॉरपोरेशन, दिल्ली जल बोर्ड, एनडीएमसी, चुनाव विभाग, एलएनजेपी अस्पतान, गेस्ट टीचर, डीटीसी, आईसीडीएस, डोमेस्टीक ब्रिडिंग चेकरर्स, एमसीडी साउथ, नार्थ एमसीडी, सफाई कर्मचारी, सुक्यूरिटी गार्डस, होटल यूनियन, पोस्ट ऑफिस, दिल्ली फुड एण्ड सप्लाई विभाग आदि विभागों के ठेका मजदूरों ने भारी संख्या में भागीदारी की। 

प्रर्दशनकारी मंहगाई रोकने, बेरोजगारी खत्म करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, ठेका मजदूरों को पक्का करने, स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव रोकने, न्यूनतम वेतन 20,000 करने, समान काम का समान वेतन लागू करने, असंगठित क्षेत्र्ा के मजदूरों को समाजिक सुरक्षा मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की सभा को अनुराग सक्सेना (सीटू), अमरजीत कौर (एटक) हरभजन सिद्धू (एचएमएस) ऋषिपाल (इंटक) संतोष राय (एआईसीसीटीयू) देवराजन (यूटीयूसी) आर के शर्मा (एआईयूटीयूसी) जेपी सिंह (एलपीएफ) सत्र्ाुजीत (यूटीयूसी) संतोष (एमईसी) ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता वीरेन्द्र गौड़ सीटू ने की।

मुख्यमंत्री को ज्ञापन
प्रदर्शन के जोवाईंट एक्शन कमेटी अगेंस्ट कान्ट्रैक्ट सिस्टम (JACACS) एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री के लिए श्री आशिष कुमार, डिप्टी सैक्रेटरी, ग्रींवांस सेल, सी,एम, ऑफिस दिल्ली सरकार को सौंपा। 

मांगें-
1. लगातार चलने वाले कार्यो के लिए ठेका लाईसेंस देना बंद करो। पहले के दिए गए लाईसेंस रद्द करो।
2. लगातार चलने वाले कार्यो में काम करने वाले ठेका मजदूरों को उसी स्थान पर पक्का करो। ठेका मजदूरों को समान काम के लिए समान वेतन दो।
3. सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित करो। वेतन का भुगतान हर महीने की 7 तारिख तक अवश्य किया जाए। इसे कर्मचारी बैंक खाते में डाला जाए अथवा चेक द्वारा भुगतान किया जाए।
4. आज के मंहगाई के आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम वेतन 20,000/-रू. मासिक घोषित करो। 
5. श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करवाया जाये।
6. पी.एफ., ई.एस.आई., ग्रेच्यूटी, पेंशन एवं अर्जित, केजुअल, त्यौहारिक अवकाश इत्यादि के कानूनी प्रावधान सख्ती से लागू करवाये जायें।
7. सरकारी नौकरियों में स्थाई नौकरियों की भर्ती पर लगा प्रतिबंध हटाओ।
8. ठेका मजदूरों के वेतन, बोनस, सामाजिक सुरक्षा आई-कार्ड इत्यादि की जिम्मेदारी प्रमुख मालिक/ प्रबन्धक की हो। 
9. महिला कामगारों के साथ हो रहे भेदभाव पर रोक लगायी जाए।

प्रतिनिधिमंडल में श्री अनुराग सक्सेना, सुरजीत श्यामल, डा0 अरूण चौहान, बाल्मीकी झा, विक्रम, सुमित, कामति सम्मिलित थे। जोवाईंट एक्शन कमेटी ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि ठेका कर्मचारियों को स्थाई करने की नीति बनायी जाए। यह नीति समयब़द्ध व पारदर्शी हो। ठेका कर्मियों को पक्का करने की नीति बनने तक उनके काम से हटाया न जाए। दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ वार्ता हेतू तिथि व समय जल्द निधारित किया जाए। 
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