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महिला का गैरमर्द के साथ घूमना चरित्रहीनता नहीं: हाईकोर्ट

Monday, August 8, 2016

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नई दिल्ली। कोई भी पति अपनी पत्नी के किसी गैर मर्द के साथ घूमने या उसके फोटो होने के कारण चरित्र पर संदेह नहीं कर सकता। यदि वो ऐसा करता है तो यह घरेलू हिंसा के समान होगा। तलाक के एक मामले में यह टिप्पणी दिल्ली हाईकोर्ट (HC) ने की है। इसके साथ ही HC ने शादी के 27 साल बाद तलाक को मंजूरी दी।

यह है मामला
याचिका पति की ओर से तलाक के लिए दाखिल याचिका को खारिज करने और उसे पत्नी की जिम्मेदारी निभाने का आदेश देने की मांग की गई थी। जस्टिस एस. रविंद्र. भट्ट और दीपा शर्मा की पीठ ने कहा कि गैर मर्द के साथ तस्वीर होने के आधार पर पत्नी के चरित्र पर संदेह करना मानसिक प्रताड़ना के समान है।

'वह जमाना गया, जब'
HC ने दंपती को तलाक देने के साथ साथ ही कहा कि वह जमाना बीत गया है जब पति के पत्नी पर लगाए आरोप सहज स्वीकार कर लिए जाते थे। पीठ ने कहा है कि अब ठोस साक्ष्यों के बगैर इस तरह के आरोपों को कतई स्वीकार नहीं किया जाता।

हाईकोर्ट ने परिवार न्यायालय द्वारा पत्नी की मांग पर तलाक को मंजूरी दिए जाने के फैसले के खिलाफ पति की अपील को खारिज कर दिया है। परिवार न्यायालय के फैसले को बरकार रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि पति ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसके अलावा, पति पर पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करने का भी आरोप था, जिसे अदालत ने तलाक के लिए पार्यप्त आधार माना है।

दंपती की शादी वर्ष 1989 में हुई। उनके दो बच्चे भी हैं। पत्नी की ओर से परिवार न्यायालय में तलाक के लिए 2007 में दाखिल याचिका के अनुसार, शादी के तुरंत बाद ही पति उसे कम दहेज लाने के लिए ताने मारते थे। रश्मि ने अदालत को बताया कि सालों तक वह सब कुछ सहती रही, लेकिन जब वर्ष 2006 में पति ने उसके सामने ही बेटे की पिटाई की तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पत्नी पर अपने एक मित्र के साथ अवैध संबंध का इल्जाम लगाया
पत्नी द्वारा तलाक की याचिका दाखिल किए जाने के बाद पति ने एक अर्जी दाखिल कर पत्नी पर अपने एक मित्र के साथ अवैध संबंध होने और उस व्यक्ति से गुप्त तरीके से शादी करने का भी आरोप लगाया। पति ने अदालत में पत्नी की ओर से तलाक के लिए दाखिल याचिका को खारिज करने और उसे पत्नी की जिम्मेदारी निभाने का आदेश देने की मांग की थी।
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