सरकार के घटिया चावल के कारण फैल रहा है कुपोषण

Wednesday, August 24, 2016

;
सुधीर ताम्रकार/बालाघाट। मप्र शासन की उचित मूल्य की दुकानों एवं आंगनबाड़ियों में वितरित किया जा रहे घटिया चावल के कारण कुपोषण फैल रहा है। ये चावल इंसान तो क्या जानवरों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक नहीं रह गया है। गोदामों में बदबू मारता चावल भरा पड़ा है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले असहाय नागरिक ही मजबूरी में घटिया चावल ले रहे हैं। जबकि कई मजदूर स्तर के कार्डधारकों ने चावल लेना बंद कर दिया है। 

यह उल्लेखनीय है कि आरटीआई कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार आनंद ताम्रकार द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राशन दुकान, आंगनबाडी तथा मध्याह्न भोजन के माध्यम से जिले में वितरित किये जा रहे अमानक घटिया तथा खाने अयोग्य चावल वितरित किये जाने तथा इससे कुपोषण फैलने, जन स्वास्थ्य पर प्रतिकुल प्रभाव पडने की आंशका के आधार पर वितरित किये जा रहे चावल पर अकुंश लाये जाने की मांग की थी। जिस पर 25 जनवरी 2016 को जस्टिस श्री शान्तनु केमकर ने आदेश पारित कर कलेक्टर बालाघाट को निर्देश दिये थे के याचिका में दर्शित तथ्यों की जांच कर 2 माह के अंतराल में जाचं प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

इस कार्यवाही के पश्चात कुछ माह तक नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा राईस मिलर्स से निर्धारित मापदण्डों के आधार पर चावल खरीदा गया लेकिन आपूर्ति निगम के अधिकारियों तथा राईस मिलर्स की सांठगांठ से निर्धारित मापदण्ड के विपरित घटिया और अमानक चावल खरीदा गया जो कि जिले के विभिन्न भण्डार गृहों में रखा गया है। उसी चावल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्याह्न भोजन और आंगनबाडी में वितरित किया जा रहा है। चावल की क्वालिटी को देखकर उपभोक्ता लेने से आनाकानी कर रहे हैं। वहीं आंगनवाड़ियों तथा मध्याह्न भोजन में बंट रहे चांवल की गुणवत्ता घटिया होने के कारण खाने में इंकार कर रहे है।

यह उल्लेखनीय है कि वितरित किये जा रहे चावल की क्वालिटी की जांच जिला आपूर्ति अधिकारी के द्वारा नियमित तौर पर की जानी चाहिये लेकिन राईस मिलर्स की सांठगांठ के कारण उनके द्वारा गोदामों की तथा वितरित किये गये चांवल की जांच नही किये जाने के कारण घटिया चावल धडल्ले से लिया जा रहा है। कटंगी, वारासिवनी के राईस मिलर्स से खरीदा गया चावल जो गोदामों में रखा गया है वह सामान्य उपभोक्ता तो क्या पशुओं के खाने के काबिल नही है। जिले अन्य स्थानों में भी ऐसे ही चांवल की खरीदी की गई है। विगत 2 वर्ष पूर्व खरीदा गया हजारों क्विटंल अमानक चावल जो सड चुका है अभी भी कटंगी के गोदाम में संग्रहित है।

इस प्रकार माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को ताक में रखकर नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी राईस मिलर्स से सांठगांठ कर अमानक और घटिया चावल खरीद रहे है जिसके उपभोग करने से उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर दुषित प्रभाव पड रहा है और कुपोषण फैल रहा है।
;

No comments:

Popular News This Week