सपाक्स के कर्मचारी लेंगे सामूहिक अवकाश

Sunday, August 21, 2016

भोपाल। सपाक्स का द्वितीय महाधिवेशन दिनांक 21.08.2016 को श्री ललित शास्त्री वरिष्ठ पत्रकार के मुख्य आतिथ्य एवं प्रोफेसर श्री दवे, श्री एम.के.श्रीवास्तव, मुख्य अभियन्ता सेवानिवृत्त, श्री उपाध्याय, सेवानिवृत्त मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग एवं श्री एम.एस.यादव, मुख्य अभियन्ता सेवानिवृत्त के विषिष्ठ आतिथ्य तथा सपाक्स संस्थापक मंडल की गरिमामय उपस्थिति में गुजराती समाज भवन, भोपाल में संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि द्वारा संस्था की वेबसाइट sapaks.in का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने पदोन्नति में आरक्षण का पुरजोर विरोध करने का आव्हान किया गया तथा अनुसूचित जाति/जनजाति की क्रीमीलेयर को आरक्षण न दिये जाने की मांग की गई जिससे अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के वास्तविक जरूरतमंदों को आरक्षण का लाभ मिल सके। सामान्य पिछडा एवं अल्पसंख्यक समाज के गरीब परिवारों को भी सभी शासकीय योजनाओं और आरक्षण का लाभ दिये जाने की मांग भी मंच से की गई।

सपाक्स के द्वितीय प्रांतीय महाअधिवेशन दिनांक 21.08.2016 में निम्न निर्णय लिये गये -
दिनांक 14 सितम्बर 2016 को प्रदेष भर में सपाक्स के सभी अधिकारी/कर्मचारी काली पटटी बांधकर कार्यालय में कार्य करेंगे एवं दिनांक 16 सितम्बर 2016 को सामूहिक अवकाश पर रहकर जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष प्रातः 11.00 बजे विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अन्य पिछडा वर्ग को आरक्षण में कीमीलेयर का प्रावधान है, उसी प्रकार अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग में भी क्रीमीलेयर का प्रावधान होना चाहिये। एक निष्चित आय वर्ग के उपर के अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिये।

राज्य सरकार एक असंवैधानिक विषय पर अजाक्स को अनुचित लाभ दे रही है। अजाक्स को उनकी इच्छानुसार महंगे वकीलों की फीस राज्य सरकार द्वारा दिये जाने की घोषणा की गई है जबकि राज्य सरकार को यह पता होना चाहिये कि सरकार के खजाने में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सामान्य पिछडा एवं अल्पसंख्यक वर्ग से आता है। अतः इस खजाने को राज्य सरकार असंवैधानिक विषय पर इस वर्ग के हितों के विरूद्ध व्यय नहीं कर सकता। राज्य सरकार का यह कदम सरकार के ‘‘भेदभाव न करने’’ की शपथ के विरूद्ध होने से इस कदम की भर्त्सना की गई।

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ केवल अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों को दिये जाने का निर्णय सामान्य पिछडा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के साथ अन्याय है जिसके विरूद्ध प्रदेषव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया क्योंकि पूर्व में इस योजना का लाभ सभी वर्गों को मिल रहा था।

सपाक्स से जुडे अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली अजाक्स से जुडे अधिकारियों द्वारा जानबूझकर खराब करने के प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। सभी सदस्यों द्वारा एकमत से ऐसी घटनाओं की भर्त्सना की गई। यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि इस प्रकार की घटनाओं का पुरजोर विरोध किया जायेगा और जिम्मेदारों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की मांग की जायेगी।

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