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अपने दामाद को बचाने के लिए सिंहस्थ के सवाल पर उबल पड़ते थे नरोत्तम मिश्रा

Saturday, July 30, 2016

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भोपाल। मप्र में हुए सिंहस्थ घोटाले को दबाने की लाख कोशिशों के बावजूद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा जो अब जनसंपर्क मंत्री भी हैं, इस मामले का अतिरिक्त ऊर्जा के साथ विरोध कर रहे हैं। विधानसभा में जब जब सिंहस्थ पर सवाल उठे, मिश्रा उबल पड़ते थे। इसके पीछे का राज यह है कि सिंहस्थ घोटाले में उनके अपने दामाद एवं नगर निगम के आयुक्त अविनाश लवानिया भी शामिल हैं। यह आरोप आज मप्र कांग्रेस ने लगाया। 

कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की अगुवाई में हुए संवाददाता सम्मेलन में प्रभारी नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन, सचेतक रामनिवास रावत, विधायक मुकेश नायक और जीतू पटवारी ने सिंहस्थ कुंभ के आयोजन पर हुए करीब साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये के खर्च में 3000 रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ की एक संगोष्ठी पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए, विभिन्न अखाड़ों पर 100 करोड़ रुपये खर्च हुए, शौचालय किराए पर 80 करोड़ रुपये का व्यय किया गया। राजा विक्रमादित्य की प्रतिमा सवा करोड़ रुपये की लगाई गई, जनसंपर्क विभाग ने प्रचार प्रसार पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए। उन्होंने कहा कि लैपटॉप साढ़े 52 हजार रुपये, नाश्ता प्लेट 1625 रुपये, थर्मस 1480 रुपये और झाड़ू 130 रुपये में खरीदी गई। 

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार की ओर से विधानसभा में जो जवाब दिए गए हैं, उनमें विरोधभास है। कुल 4727 शौचालय बनवाए जाने की बात कही गई है। सवाल उठता है कि ये शौचालय आखिर गए कहां? कांग्रेस इस घोटाले पर विधानसभा में चर्चा चाहती थी, इसके लिए उसके विधायकों ने कई प्रश्न और ध्यानाकर्षण की सूचनाएं लगाई थीं, मगर संसदीय कार्यमंत्री ने इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर भी दबाव बनाया।

कांग्रेस ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, और सरकार इसे दबाने में लगी हुई है, क्योंकि नगर निगम के आयुक्त अविनाश लवानिया संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दामाद हैं और उपायुक्त वीके चौहान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी रिश्तेदार हैं। विभिन्न कार्यो के नाम पर खर्च की गई राशि में इन दोनों की अहम भूमिका है। इस मसले पर चर्चा होती तो वे भी लपेटे में आते।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यादव ने कहा, 'सिंहस्थ कुंभ के लिए उज्जैन में हुए निर्माण कार्यो की जांच के लिए पांच विधायकों की एक समिति बनाएंगे और उसे वहां भेजेंगे।' उन्होंने इस घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की है। 
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