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व्यापमं में फटाफट फैसलों के लिए बने थे 4 कोर्ट, 2 बंद हो गए

Friday, July 29, 2016

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ग्वालियर। मप्र के सबसे बड़े व्यापमं घोटाले में तत्काल सुनवाई के लिए यहां 4 विशेष कोर्ट गठित किए गए थे लेकिन जांच ऐजेन्सियों की धीमी गति के कारण 2 कोर्ट बंद हो गए। इनमें से एक तो ऐसा है जिसमें आज तक एक भी चालान नहीं आया। इतना ही नहीं सीबीआई की पैरवी के लिए 8 लोक अभियोजक नियुक्त किए गए थे जिनमें से केवल 3 के पास ही काम है, बाकी के 5 खाली बैठे हैं। लोग अक्सर न्यायालयों पर धीमी कार्रवाई का आरोप लगाते हैं परंतु व्यापमं घोटाले के मामले में न्यायालय चुस्त, जांच ऐजेन्सियां सुस्त साबित हुए हैं। 

प्रदेश में व्यापमं कांड के खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने एसआईटी का गठन का गठन किया था। मामलों की सुनवाई अनुशासनबद्ध हो और तत्काल सुनवाई की जा सके इसलिए 4 विशेष कोर्ट अधिसूचित किए गए थे। इसमें विशेष सत्र न्यायाधीश सतीश चन्द्र शर्मा, ललित किशोर, धरमिंदर सिंह व एके सोहाने की कोर्ट शामिल थीं। कोर्ट अधिसूचित होने के बाद जजों को केसों का बंटवारा कर दिया था। पीएमटी कांड से जुड़े केसों की ट्रायल विशेष सत्र न्यायाधीश सतीश चन्द्र शर्मा व विशेष सत्र न्यायाधीश ललित किशोर की कोर्ट में शुरू की गई। आरक्षक भर्ती परीक्षा सहित अन्य परीक्षाओं के आरोपियों के केस विशेष सत्र न्यायाधीश धरमिंदर सिंह व विशेष सत्र न्यायाधीश एके सोहाने की कोर्ट को दिए गए। धरमिंदर सिंह की कोर्ट में आरक्षक भर्ती परीक्षा के पांच केसों की ट्रायल चल रही थी। दो केसों में सीबीआई ने पूरक चालान पेश किया था, लेकिन ट्रायल शुरू होने से पहले ही धरमिंदर सिंह का स्थानांतरण जबलपुर हो गया है। इसके चलते यह कोर्ट खाली हो गया। इस कोर्ट के केसों को विशेष सत्र न्यायाधीश सतीश चन्द्र शर्मा की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। जबकि एके सोहाने के कोर्ट में कोई भी चालान ही पेश नहीं हुआ। 

आठ लोक अभियोजक नियुक्त किए थे सीबीआई ने
सीबीआई ने ग्वालियर में मामलों की संख्या को देखते हुए 8 लोक अभियोजक नियुक्त किए थे। लेकिन तीन लोक अभियोजकों को ही काम मिल सका। शेष लोक अभियोजकों को अभी भी काम का इंतजार है।
वर्तमान में बृजकिशोर कुलश्रेष्ठ, सौरव वर्मा पीएमटी के विशेष कोर्ट में सीबीआई की पैरवी कर रहे हैं। अधिवक्ता मनोज भार्गव, धरमिंदर सिंह की कोर्ट में पैरवी कर रहे थे।
सीबीआई पीएमटी कांड व आरक्षक भर्ती घोटाले सहित 6 चालान ही पेश कर पाई है। शेष केसों की अभी सीबीआई जांच कर रही है।
ग्वालियर में व्यापमं कांड में 56 अपराध रजिस्टर्ड हुए हैं, जिनमें 700 से अधिक आरोपी शामिल हैं।
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