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BhopalSamachar.com की बड़ी सफलता: 546 पोर्न बेवसाइट्स पर प्रतिबंध की तैयारी

भोपाल। समाज और व्यवस्था में मौजूद विसंगतियों को दूर करने वालों की आवाज को बुलंद करना ही पत्रकारिता धर्म है और हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि इस धर्म को निभाने का अवसर मिला। यह भोपालसमाचार.कॉम की अब तक की सबसे बड़ी सफलता है कि सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केन्द्र सरकार भारत में चल रहीं 546 सूचीबद्ध पोर्न बेवसाइट्स को प्रतिबंधित करने की तैयारी कर रही है। सनद रहे कि यह मामला सागर के एक युवा रवि शर्मा ने उठाया था, जिसे सबसे पहले भोपालसमाचार.कॉम ने प्रोत्साहन दिया।

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस के बाद सरकार ने भी यह माना है कि रेप के मामलों में अपराधियों की प्रेरणा का केन्द्र पोर्न बेवसाइट्स भी होतीं हैं। अब सरकार पोर्न साइट्स पर पाबंदी लगाने की तैयारी में है। साइबर अपराध शाखा और खुफिया विभाग की जांच टीम ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि इंटरनेट के जरिए 60 प्रतिशत तक अश्लील साइट्स को देखा जाता है। यानी इंटरनेट के जरिए की जाने वाली कुल सर्फिंग में से करीब 60 फीसदी ये साइट्स देखी जाती हैं। लगभग 546 साइट्स को प्रतिबंधित करने के लिए चिह्नित किया जा चुका है।

इन साइट्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार गूगल और याहू जैसी इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों की भी मदद लेगी। उल्लंघन करने पर सर्च इंजन पर रोक जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। 'गुडिय़ा' से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी मनोज ने यह स्वीकार किया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसने अश्लील साइट्स पर कई क्लिपिंग्स देखी और उसके बाद उसने यह कृत्य किया।

इस खुलासे के बाद अब समाज के हर वर्ग से इन वेबसाइट्स को बंद करने की मांग उठने लगी है। सेंटर फॉर सोशल सर्विस की प्रमुख रंजना कुमारी ने कहा कि समाज में विकृत मानसिकता फैलाने में अश्लील वेबसाइट्स का ही सबसे बड़ा हाथ है। पिछले कुछ सालों में मोबाइल फोन पर धड़ल्ले से उपलब्ध अश्लील सामग्री से भी बच्चे बिगडऩे लगे हैं। विभिन्न महिला संगठन पिछले कई सालों से लगातार ऐसे वेबसाइट्स और फोन सेवाओं को बंद करने की मांग करती आ रही हैं लेकिन सरकार की इस पर आंख मूंदे रहना समझ के परे है।

कुल मिलाकर मध्यप्रदेश के सागर शहर के युवा रवि शर्मा की आवाज अब पूरे देश की आवाज बनती जा रही है और उसकी धारणा को सरकार ने भी स्वीकार किया है। सनद रहे कि दिल्ली में हुए दामिनी गैंगरेप के बाद जब पूरा देश आंदोलित था तब सागर के रवि शर्मा ने इस मामले को उठाने का प्रयास किया परंतु मीडिया ने इस मामले को उस समय कोई तवज्जो नहीं दिया था। उसने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर इस मामले को उठाया तो पोर्न बेवसाइट के संचालकों ने उसे जान से मार देने और झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।

इन धमकियों से घबराए सागर के सामान्य युवा रवि शर्मा ने भोपालसमाचार.कॉम से मदद मांगी और हमें गर्व है कि हमने तत्काल विषय को पर्याप्त स्थान दिया। इसके बाद सोशल मीडिया के साथियों का समर्थन मिला और आईबीएन7 ने भी मामले की फालोअप स्टोरी बनाई। यह ईपत्रकारिता का ही प्रताप था कि बिना नेतृत्व के शुरू हुआ यह आंदोलन इन्दौर के प्रख्यात वकील कमलेश वासवानी तक जा पहुंचा और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसी याचिका के तारतम्य में सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया और नोटिस के चलते ही पोर्न बेवसाइट को प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया पर काम शुरू हुआ।

अब सागर के युवा रवि शर्मा की आवाज और भोपालसमाचार.कॉम का प्रयास पूरे देश में बहस का विषय बनता जा रहा है। चारों ओर से पोर्न बेवसाइट्स को प्रतिबंधित करने की मांग भी उठने लगी है और सरकार भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रही है।



अपनी बात
हम धन्यवाद अदा करना चाहते हैं उस ईश्वर का जिसने यह अवसर हमें प्रदान किया और हम देश के काम आ सके। मैं सोशल मीडिया पर एक्टिव अपने सभी परिचित/अपरिचित दोस्तों का किन शब्दों में आभार व्यक्त करूं जिन्होंने इस विषय को आंदोलन बना दिया।
कृपया आशीर्वाद दीजिए कि समाजहित में पत्रकारिता धर्म निभाने का काम लगातार चलता रहे। ये हौंसले ये उत्साह टूटने ना पाए।

उपदेश अवस्थी
9425137664
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